Home / Blog /गर्मी में पशु क्यों...

गर्मी में पशु क्यों नहीं खरीदे जाते ?

General

गर्मी में पशु क्यों नहीं खरीदे जाते ? जानें इसके पीछे के वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण !

पशुपालन का व्यवसाय भारत में सदियों से आय का एक मुख्य स्रोत रहा है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि जैसे ही पारा 40 डिग्री के पार पहुँचता है, पशु मंडियों में सन्नाटा क्यों पसरने लगता है? 
अनुभवी डेयरी किसान और व्यापारी अक्सर सलाह देते हैं कि "जेठ की तपती दुपहरी में गाय-भैंस का सौदा नहीं करना चाहिए।"

1. हीट स्ट्रेस का सीधा असर — दूध उत्पादन में भारी गिरावट

गर्मी में नया पशु खरीदने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि हीट स्ट्रेस के कारण दुधारू पशुओं की दूध देने की क्षमता 20% से 50% तक घट सकती है। बिहार सरकार के पशु संसाधन विभाग के अनुसार, जब पशु लू की चपेट में आता है, तो यह गिरावट अचानक और तेज़ होती है। नया पशु पहले से ही नए माहौल में तनाव में होता है — उस पर गर्मी का दबाव उसे और कमज़ोर बना देता है।

2. नए पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर पड़ जाती है

जब कोई पशु एक जगह से दूसरी जगह लाया जाता है, तो उसे पहले से ही ट्रांसपोर्ट स्ट्रेस झेलना पड़ता है। इस स्थिति में गर्मी का तीव्र प्रहार उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर कर देता है। NDDB (National Dairy Development Board) के अनुसार, हीट स्ट्रेस के कारण पशुओं में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। मतलब, आपने महंगा पशु खरीदा और पशु-चिकित्सक के चक्कर शुरू!

3. गर्मी में पशु सही तरीके से खाना नहीं खाता

एक अनुभवी पशुपालक जानता है कि “पशु की असली ताकत उसके खाने में है।” गर्मियों में पशु चारा कम खाने लगता है, प्यास ज़्यादा लगती है, और शरीर को ज़रूरी पोषण नहीं मिल पाता। इसका असर सीधे दूध की गुणवत्ता, वज़न और प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। नया पशु जो पहले से किसी और की देखभाल में था, वह आपके नए माहौल में और भी धीरे-धीरे ढलता है — इस प्रक्रिया में महीनों की बर्बादी हो सकती है।

4. पशु की सही पहचान करना गर्मी में मुश्किल होता है

गर्मी में पशु परख करना बहुत कठिन होता है। गर्मी में पशु सुस्त, थका हुआ और कम सक्रिय दिखता है — इससे उसकी असली उत्पादन क्षमता का अंदाज़ा लगाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। एक स्वस्थ और चुस्त पशु भी हीट स्ट्रेस में आलसी लग सकता है, और बीमार पशु की पहचान और भी मुश्किल हो जाती है। इस गलत पहचान में आप लाखों का नुकसान उठा सकते हैं।

5. परिवहन के दौरान जान का ख़तरा

गर्मी में लंबी दूरी का पशु परिवहन जानलेवा साबित हो सकता है। तेज़ धूप, बंद वाहन और पानी की कमी से पशु को हीट स्ट्रोक हो सकता है। पशुपालन विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्मी के मौसम में दोपहर 12 से 4 बजे के बीच पशुओं को लंबी दूरी तक ले जाना अत्यंत खतरनाक होता है। कई बार पशु रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।

तो फिर पशु खरीदने का सही समय कब है?

अनुभवी पशुपालकों और पशु चिकित्सकों के अनुसार, पशु खरीदने का सबसे सही समय सितंबर से फरवरी के बीच होता है। इस दौरान

  • मौसम अनुकूल होता है
  • पशु की सही परख हो सकती है
  • नए माहौल में ढलना आसान होता है
  • दूध उत्पादन स्थिर रहता है
  • रोग का खतरा कम होता है

पशु खरीदना एक बड़ा निवेश है, और गलत समय पर लिया गया फैसला आपके मुनाफे को नुकसान में बदल सकता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि भीषण गर्मी के निकल जाने का इंतजार करें और अपने पशुओं को लू और तापघात से बचाएं।

क्या आप भी पशुपालन से जुड़ी ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियां और टिप्स पाना चाहते हैं?

डेयरी फार्मिंग को आधुनिक और मुनाफे का सौदा बनाने के लिए TabelaWala के साथ जुड़े रहें। हम आपके लिए लेकर आते हैं पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और बेहतर प्रबंधन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।

Share this Article:

BOOK A CONSULTATION

Let's grow your dairy
business — together.

Drop your details and our advisors will schedule a call at your convenience. We respond within 24 hours.

Call us

+91 830 570 6703

Email

contact@tabelawala.com

Office

Machalpur Khurd, Tehsil Barwaha, District Khargone, M.P. India 451225